India News (इंडिया न्यूज), Kumari Selja : सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब और हिमाचल के साथ-साथ हरियाणा में भी बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करना चाहिए। केंद्र का दायित्व बनता है कि जिन-जिन राज्यों में प्राकृतिक आपदा आई है वहां मदद करें। अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग मानदंड नहीं होने चाहिए। साथ ही सैलजा ने कहा कि अगर हरियाणा में शासन और प्रशासन ने पहले ही मिलकर योजना तैयार की होती और उस पर ईमानदारी से काम किया होता तो बाढ़ से इतना नुकसान न होगा।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार एक ही रट लगाए हुए है कि बाढ़ से जो भी नुकसान हुआ है उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाए, उसी के आधार पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा पर सरकार को पता होना चाहिए कि उसका पोर्टल आए दिन बंद रहता है, कभी सर्वर डाऊन रहता है और गांवों में तो हालात और भी बुरे है वहांं पर पोर्टल खुलता ही नहीं है ऐसे में किसान नुकसान के बारे में क्या जानकारी अपलोड करेगा। सरकार इस तरह से किसानों को गुमराह कर रही है, सरकार की नीयत साफ हो तो इसके लिए पटवारी की जिम्मेदारी तय कर नुकसान का आंकलन कर सकती है।
सरकार की नीयत साफ नहीं लग रही है, पोर्टल में खराबी के चलते ज्यादातर किसान वंचित रह जाएंगे ऐेसे में मुआवजा भी कम ही किसानों को देना होगा। बाद में सरकार एक ही बात कह सकती है कि किसान ने नुकसान के बारे में बताया ही नहीं तो मुआवजा कैसे दिया जा सकता है। सांसद ने कहा कि जब प्रदेश में अलग-अलग जिलों से एक ही आवाज आ रही है कि पोर्टल खुल नहीं रहा हैे तो सरकार को इस दिशा में सोचना चाहिए, जो भी तकनीकि खामी है उसे दूर करवाया जाना चाहिए अगर पोर्टल काम नहीं करता तो पटवारियों को भेजकर विशेष गिरदावरी करवाई जाए क्योंकि किसान को नुकसान हुआ हैे और ऐसे हालात में वह नुकसान सहने की स्थिति में नहीं है सरकार उसके नुकसान की भरपाई कर किसान की मदद कर सकती है।
सांसद ने कहा कि घग्घर नदी के तटबंध टूट रहे है क्योंकि सरकार ने तटबंधों को समय रहते मजबूत कराया ही नहीं जो भी काम हुआ उसके नाम पर केवल कागजों के पेट ही भरे गए। विपक्ष सरकार को आगाह करता रहा कि मानसून से पहले नदी, नहरों और नालों की सफाई करवाई जाए और जहां पर भी तटबंध कमजोर है उन्हें मजबूत करवाया जाए पर सरकार ने इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया। कुमारी सैलजा ने कहा कि शासन और प्रशासन के बीच अगर सही तालमेल होता तो बाढ़ से बहुत कुछ बचाव हो सकता था।
शासन और प्रशासन की लापरवाही के चलते ही बाढ़ से जान माल का नुकसान हुआ है। कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब और हिमाचल के साथ-साथ हरियाणा में भी बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करना चाहिए। केंद्र का दायित्व बनता है कि जिन-जिन राज्यों में प्राकृतिक आपदा आई है वहां मदद करें। अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग मानदंड नहीं होने चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि इस वक्त बाढ़ प्रभावित राज्यों को सबसे पहले मदद की जरूरत है, केंद्र सरकार को जल्द से जल्द मदद भेजनी चाहिए।
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