India News (इंडिया न्यूज), Kumair Selja : सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश में बढ़ती अपराध की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़े यह दर्शाते हैं कि हरियाणा में रोजाना औसतन 03 हत्याएं, 11 अपहरण, 04 दुष्कर्म और 04 छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं। यह स्थिति बेहद गंभीर और चिंताजनक है। प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था को देखकर लग रहा है कि अपराधी बैखोफ होकर सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे है और सरकार आंख बंद करके बैठी है। हर चौराहे पर बैठे पुलिसकर्मी वाहनों के चालान काटने पर ज्यादा ध्यान दे रहे है जबकि उन्हें अपराधियों पर भी निगाह रखने चाहिए।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह असफल रही है। महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रही हिंसा और अपराध यह साबित करते हैं कि सरकार अपराध नियंत्रण में नाकाम है।
सांसद ने कहा कि आज प्रदेश की जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जी रही है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में है। प्रदेश सरकार केवल कागजों में योजनाएं और आंकड़े गिनाने में व्यस्त है, जबकि धरातल पर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। मनीषा की मौत का मामला पुलिस प्रशासन ने उलझाकर रख दिया अगर पहले ही सतर्कता दिखाई होती तो वह बच सकती थी।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार की ओर से विधानसभा में दिए आंकडों (एक जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2025)
के अनुसार इस 212 दिन की अवधि पर 530 हत्याएं यानि प्रतिदिन तीन हत्या, 2116 अपहरण यानि प्रतिदिन 11 अपहरण, 779 दुष्कर्म यानि प्रतिदिन चार दुष्कर्म, 771 छेड़छाड़ के मामले यानि प्रतिदिन लगभग चार मामले, पोक्सों एक्ट के तहत 662 मामले यानि प्रतिदिन पांच मामले बनते है। इसके साथ ही रंगदारी, फिरोती, लूट, चोरी की वारदातों में भी इजाफा हो रहा है। इन आंकडों से साफ है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा हैै, उद्योगपतियों में इतनी दहशत बढ़ती जा रही है कि उद्योग धंधे पलायन करने लगे हैं।
सांसद कुमारी सैलजा ने मांग की है कि प्रदेश सरकार तुरंत विशेष कार्य योजना बनाए और महिलाओं व आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, पुलिस तंत्र को मज़बूत किया जाए और संवेदनशील इलाकों में गश्त व निगरानी बढ़ाई जाए, महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं, ताकि शीघ्र न्याय मिल सके, अपराध नियंत्रण में विफल रहे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
साथ ही सांसद ने कहा कि जैसे ही कोई पीडित पक्ष शिकायत दर्ज करवाता है उस पर तत्काल अमल करना चाहिए, अधिकतर मामलों में सामने आया है कि जब पुलिसकर्मी शिकायत को पैंडिंग रख देते है तब तक अपराध हो चुका होता है अगर पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो वह अपराध को रोक सकती है। अपराधियों को कानून का डर होना चाहिए।
Washington (dpa) - A large review published in the medical journal The BMJ has found…
By Hanna Rantala LONDON, June 18 (Reuters) - "Supergirl" star Milly Alcock says the new…
Mumbai (Maharashtra) [India], June 18: Superb Maa Developers, one of the fastest-growing real estate developers…
Washington (dpa) - A new study, published in JAMA Network Open, suggests that women who…
Shri T. V. Narendran, President, AIMA and CEO & Managing Director, Tata Steel Limited, addresses…
New Delhi [India], June 17: Twin Win, a leading educational institution focused on nurturing communication,…