India News (इंडिया न्यूज), Kiran Chaudhary : राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में राशि वितरण का मुद्दा राज्यसभा में जोरदार ढंग से उठाया है। सदन में किसानों की बात रखते हुए किरण चौधरी ने कहा कि हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हरियाणा के भिवानी और चरखी दादरी जिलों के हजारों किसानों की एक अत्यंत गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट करना चाहती हैं, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकृत हैं।
उन्होंने कहा कि खरीफ 2023 सीजन के दौरान, सरकार द्वारा निर्धारित फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर इन जिलों में कपास की फसल में भारी नुकसान का आकलन किया गया और किसानों को 281.5 करोड़ रुपए का बीमा दावा देय पाया गया। किन्तु, बीमा कंपनी द्वारा दावों की समीक्षा की मांग के पश्चात मामला राज्य तकनीकी सलाहकार समिति को भेजा गया, जिसने तकनीकी उपज मूल्यांकन को अपनाने का निर्णय लिया। इसके परिणामस्वरूप दावा राशि घटाकर सिर्फ 80.6 करोड़ रूपये कर दी गई, जिससे किसानों में व्यापक असंतोष और निराशा फैल गई है।
किसान प्रतिनिधियों द्वारा यह भी प्रश्न उठाया गया है कि सटाक की वैधानिक अवधि एक अगस्त 2024 को समाप्त हो चुकी थी, जबकि 20 अगस्त 2024 को इसकी बैठक आयोजित की गई। ऐसे में यह चिंता उत्पन्न हुई है कि क्या एक ऐसी समिति, जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी हो, उसे इस प्रकार का महत्वपूर्ण निर्णय लेने का अधिकार था? इसके अलावा, भिवानी जिले की डीएलएमसी ने सीसीई आधारित दावों को मंजूरी देकर बीमा कंपनी को भुगतान के निर्देश दिए थे, जिसे भी नजरअंदाज कर दिया गया।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रक्रिया की एकरूपता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। जिन किसानों ने ईमानदारी से प्रीमियम अदा किया, अब वे अनिश्चितता और हताशा में हैं, विशेषकर तोशाम, सिवानी और लोहारू क्षेत्रों में, जहाँ सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया था। उन्होंने कृषि मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि दावा राशि में की गई कटौती की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए, विशेष रूप से स्टेक की भूमिका और उसकी वैधता के बाद की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया जाए। इसी प्रकार डीएलएमसी जैसी अधिकृत जिला समितियों द्वारा लिए गए निर्णयों को उचित महत्व दिया जाए।
उन्होंने कहा कि बीमा दावा निपटान प्रक्रिया की पुनः जाँच की जाए ताकि किसानों को उनके वास्तविक नुकसान के अनुसार उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन में निगरानी और प्रक्रिया संबंधी स्पष्टता को और सुदृढ़ किया जाए ताकि किसानों की वास्तविक शिकायतों का शीघ्र समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि यह किसी पर आरोप लगाने का विषय नहीं है, बल्कि एक अनुरोध है कि हम इस महत्वपूर्ण योजना की विश्वसनीयता बनाए रखें, जो हमारे अन्नदाताओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई है।
वहीं भिवानी शिक्षिका मनीषा हत्याकांड पर भाजपा सांसद किरण चौधरी ने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है… शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएँ… मैंने मुख्यमंत्री से बात की, जिन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन पूरी कार्रवाई करेगा। तीन अलग-अलग पोस्टमार्टम किए गए हैं और विसरा रिपोर्ट भी भेजी गई है। निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने सीबीआई जाँच की माँग मान ली है।” जन सुनवाई के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले पर उन्होंने कहा, “समाज में भारी गिरावट आई है… उन पर हमला करने वाला व्यक्ति अपने होश में नहीं रहा होगा… आरोपी को सज़ा मिलनी चाहिए… अपनी बात इस तरह नहीं कहनी चाहिए… एक महिला पर हमला दिखाता है कि हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है…”
Washington (dpa) - A new study published in Alzheimer's & Dementia suggests that people who…
By Dawn Chmielewski LOS ANGELES, Aug 2 (Reuters) - "Spider-Man: Brand New Day" set an…
By Dawn Chmielewski LOS ANGELES, Aug 2 (Reuters) - "Spider-Man: Brand New Day" set an…
LONDON/MILAN, Aug 3 (Reuters) - French broadcaster TF1 is weighing a sale of its production and…
LONDON/MILAN, Aug 3 (Reuters) - French broadcaster TF1 is weighing a sale of its production and…
By Lisa Richwine LOS ANGELES, Aug 3 (Reuters) - The Emmy-winning, feel-good soccer comedy "Ted…