India News (इंडिया न्यूज), Congress MP Selja : सांसद कुमारी सैलजा ने लोकसभा में हरियाणा में कैंसर का गंभीर मुद्दा उठाया तो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी अपने जवाब में माना कि हरियाणा में घग्गर नदी के प्रदूषित जल कैंसर फैला रही है। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने हरियाणा के कैंसर के जो आंकड़े दिए है वे विश्वसनीय नहीं लगते क्योंकि घग्गर नदी के साथ लगते कई गांव ऐसे है जहां हर घर में कैंसर रोगी है। साथ ही जो एसटीपी दिखाई गए है क्या वे चालू है या नहीं ये नहीं बताया गया है।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा की ओर से कहा गया है कि हरियाणा में कैंसर रोगियों की बढ़ती संख्या और उपचार सुविधाओं की स्थिति को लेकर लोकसभा में कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से कई अहम सवाल पूछे। कुमारी सैलजा ने अपने प्रश्न में हरियाणा में कैंसर मरीजों की संख्या, विशेष कैंसर वार्डों की उपलब्धता, घग्गर नदी के प्रदूषित जल से कैंसर फैलने की संभावना, नदी की सफाई की योजना और बीपीएल परिवारों के लिए विशेष सहायता के बारे में जानकारी मांगी। उनके प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
2019 में 1468 मामले, 2020 में 1536, 2021 में 1580 , 2022 में 1630 और – 2023 में 1678 मामले दर्ज किए गए। आईसीएमआर और सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, घग्गर नदी का पानी पीने और नहाने के लिए अनुपयुक्त है। पानी में सीसा, लोहा और एल्युमिनियम की मात्रा सीमा से अधिक पाई गई है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य खतरे, विशेषकर कैंसर का खतरा, बढ़ रहा है। हरियाणा के हिसार, करनाल, नूंह, सोनीपत और रोहतक के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कैंसर देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, भदसा (झज्जर) और अंबाला छावनी में अटल कैंसर केयर सेंटर में आधुनिक उपकरणों के साथ इलाज की सुविधा दी जा रही है। बीपीएल परिवारों के लिए इलाज या तो नि:शुल्क या रियायती दर पर उपलब्ध है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और सरकार को कैंसर से बचाव, प्रदूषित जल की सफाई और उपचार सुविधाओं में तेजी से सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि घग्गर नदी की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। केंद्र सरकार की ओर से जवाब में कहा गया है कि गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम एनपी एनसीडी हरियाणा के सभी 22 जिलों में लागू किया जा रहा है।
एनपी एनसीडी के अंतर्गत, 22 जिला एनसीडी क्लीनिक, 157 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एनसीडी क्लिनिक और 05 जिला कैंसर देखभाल केंद्र पंचकूला, अंबाला, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में क्रियाशील हैं। हरियाणा के लिए आगे 05 डे केयर कैंसर केंद्रों को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी )/प्रदूषण नियंत्रण समितियों के साथ समन्वय में राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम स्थापित किया है। इसके तहत नदी घग्गर की निगरानी पंजाब में 18 स्थानों और हरियाणा में 9 स्थानों पर की जाती है।
पंजाब और हरियाणा राज्यों में नदी घग्गर की जल गुणवत्ता के विश्लेषण से पता चला है कि यह नदी प्राथमिक जल गुणवत्ता मानदंडों के अनुरूप नहीं है और स्नान के लिए उपयुक्त नहीं है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसे पेयजल के लिए अनुपयुक्त पाया। सांसद ने कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और सरकार को कैंसर से बचाव, प्रदूषित जल की सफाई और उपचार सुविधाओं में तेजी से सुधार करने की आवश्यकता है। सांसद ने जोर देकर कहा कि घग्गर नदी की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
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