India News (इंडिया न्यूज), 29th Scientific Advisory Committee Meeting : चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के अंतर्गत कार्यरत कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार को 29वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारी व जिले के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। इसका उद्देश्य केंद्र की पूर्ववर्ती गतिविधियों की समीक्षा एवं आगामी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करना था।
बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर मंडल विस्तार शिक्षा निदेशक, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार डॉ. बलवान सिंह ने शिरकत की। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए पानी बचाने की बहुत आवश्यकता है। केवीके को धान के सीधी बीजाई पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए तथा धान के सीधी बीजाई पर किसानो के खेतो पर प्रदर्शन करना चाहिए।
उन्होंने अपने संबोधन में किसानों की आय वृद्धि के लिए समन्वित कृषि विकास मॉडल को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर फार्मिंग सिस्टम अप्रोच को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही, उन्होंने किसानों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की सिफारिश की।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, पानीपत के संयोजक डॉ. सतपाल सिंह ने भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान आधारित जानकारी को किसानों तक पहुँचाना है। हमारी कोशिश है कि किसान बदलते जलवायु, कीट-रोग प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार, और बाजार की मांग के अनुसार खेती करें ताकि उनकी लागत घटे और लाभ बढ़े। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र द्वारा समय-समय पर फसल प्रदर्शन, प्रशिक्षण शिविर, महिला किसान कार्यक्रम, और युवाओं के लिए कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और जल संरक्षण तकनीकों पर भी बल दिया।
बैठक के दौरान उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन विभागों के अधिकारियों ने भी अपने विभागों की गतिविधियों, योजनाओं और किसानों से संवाद के तरीकों की जानकारी दी। समिति ने किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीकों और ज्ञान को पहुँचाने के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी समय में केंद्र द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी प्रदर्शन, फील्ड दिवस, एवं किसान मेला जैसे आयोजनों को और प्रभावी बनाया जाएगा। वैज्ञानिक सलाहकार समिति की सिफारिशों के अनुसार, कृषि विज्ञान केंद्र आने वाले समय में किसान हितैषी गतिविधियों को और गति देगा। सामूहिक प्रयासों और बहु-आयामी दृष्टिकोण के माध्यम से ही कृषक उत्पादकता एवं ग्रामीण समृद्धि को साकार किया जा सकता है।
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