Khejarli Massacre
Khejarli Massacre: पेड़ कुदरत के बनाए हुए वो नायाब तोहफा है जिसकी वजह से हम अपना जीवन सुकून से बिताते हैं. वहीं कई लोग ऐसे होते हैं जो कारोबार करने के उद्देश्य से इन्हे काट देते हैं. कभी आपने सोचा है अगर दुनिया में एक भी पेड़ नहीं बचेगा तो क्या होगा? तो लोगों का जीवन मिट्टी में मिल जाएगा. भारत में जब भी पर्यावरण आंदोलनों की बात होती है, तो सबसे पहले उत्तराखंड के चिपको आंदोलन का ज़िक्र आता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस आंदोलन से लगभग 250 साल पहले राजस्थान की धरती पर एक ऐसा ही आंदोलन हुआ था जिस आंदोलन में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गवा दी थी. जिसने पर्यावरण संरक्षण की मिसाल कायम की थी.साल 1730 में बिश्नोई समुदाय के 363 लोगों ने खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान गवा दी थी. आज हम इसी बारे में बात करेंगे.
इतिहासकार रामचंद्र गुहा और माधव गाडगिल ने अपनी पुस्तक “द फिसर्ड लैंड: एन इकोलॉजिकल हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया” में इस बलिदान का जिक्र किया है. जानकारी के मुताबिक 18वीं शताब्दी में, जोधपुर के महाराजा अभय सिंह ने अपने महल का निर्माण शुरू करवाया था. इतिहासकार रामचंद्र गुहा और माधव गाडगिल ने अपनी पुस्तक “द फ़िसर्ड लैंड: एन इकोलॉजिकल हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया” में इस घटना का वर्णन किया है. 18वीं शताब्दी में जोधपुर के महाराजा अभय सिंह ने अपने महल का निर्माण शुरू करवाया था। आदेशानुसार जैसे ही पेड़ों को काटने की तैयारी शुरू हुई, इसी दौरान गांव की एक महिला अमृता देवी और उसकी तीन बेटियाँ आगे आईं। उन्होंने पेड़ों को पकड़ लिया और उन्हें बचाने के लिए विरोध जताया। समझाने के बजाय, सेनापति ने कुल्हाड़ी चलाने का आदेश दे दिया. इस दौरान अमृता देवी और उनकी बेटियाँ शहीद हो गईं.अपने अंतिम क्षणों में उन्होंने कहा था, “आप सिर काट सकते हैं, लेकिन पेड़ नहीं। अमृता देवी के बलिदान ने पूरे बिश्नोई समुदाय को अंदर तक झंकझोर कर रख दिया.
इस घटना ने बिश्नोई समाज को सदमे में डाल दिया था. जिसके बाद धीरे-धीरे गांव की औरतें, बच्चे और पुरुष भी खेजड़ी के पेड़ों से चिपक गए. इसके बाद सैनिकों ने एक-एक करके बेरहमी से उनके सिर काट दए.। इस घटना में कुल 363 लोग शहीद हुए। इतिहास इसे खेजड़ी नरसंहार के नाम से जानता है. जब इस घटना के बारे में महाराजा अभय सिंह को पता चला, तो वो व्यथित हो गए. उन्होंने तुरंत एक ताम्रपत्र जारी कर उस क्षेत्र को संरक्षित घोषित कर दिया. आदेश दिया गया कि बिश्नोई समाज के गांवों में पेड़ काटना या शिकार करना सख्त मना है.
By Jack Kim, Kyu-seok Shim and Rae Wee SEOUL/SINGAPORE, Nov 3 (Reuters) - Asset outflows…
MILAN, Nov 3 (Reuters) - Orders for Ferrari's Luce EV already cover all the units…
GERMANY'S MERZ: NOVEMBER 19 MEETING OF COALITION IN THE WILLING WILL DETERMINE FURTHER SUPPORT FOR…
VIDEO SHOWS: TRIBUTE OUTSIDE TENERIFE STADIUM AFTER STRIKER JESUS DE MIGUEL DIED AFTER COLLISION IN…
Kolkata (West Bengal) [India], November 3: The Institute of Engineering & Management (IEM), under the…
By Suzanne McGee, Douglas Gillison and Chris Prentice NEW YORK, Nov 3 (Reuters) - When…