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Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आते ही प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रहा है। चुनाव के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के तहत चार विशेष सेल का गठन किया है, आइए इसके बारे में विस्तार से समझतें हैं..
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी उद्देश्य से आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के तहत चार अलग-अलग विशेष सेल बनाए गए हैं। ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि ये सेल राज्य भर में फैली अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
गठित सेल को चार अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी पर रोकथाम, साइबर अपराधों की जांच, सोशल मीडिया और इंटरनेट पर भ्रामक पोस्ट पर निगरानी, और फर्जी मुद्रा व अवैध नकदी के लेनदेन पर कंट्रोल शामिल है। इन सभी सेल को अलग-अलग स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर त्वरित एक्शन लिया जा सके।
इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ बिहार पुलिस ही नहीं, बल्कि कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां भी शामिल की गई हैं। हाल ही में हुई एक अहम बैठक में आयकर विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और सशस्त्र सीमा बल जैसी संस्थाओं को भी जोड़ा गया है। चुनावी समय में नकदी, नशा और अन्य अवैध साधनों के इस्तेमाल की संभावना हमेशा रहती है। ऐसे में इन एजेंसियों का साझा मंच पर आना चुनाव को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिहार चुनाव में इस बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। फेसबुक, एक्स (ट्विटर), यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अक्सर चुनावी समय में अफवाहें, भ्रामक और भड़काऊ संदेश तेजी से फैलते हैं। यह संदेश चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। गठित सेल सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर रखेगी और गलत सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस निगरानी से फेक न्यूज और अफवाह फैलाने वालों पर रोक लगने की उम्मीद है।
चुनावों के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी का प्रयोग लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। ईओयू की यह पहल काले धन के प्रवाह को रोकने की दिशा में बड़ा कदम है। विशेष सेल बैंकिंग सिस्टम, कैश मूवमेंट और संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखेगी।
बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 के बीच विधानसभा चुनाव संभावित हैं। ऐसे में ईओयू का यह कदम बेहद अहम है। विशेष सेल न सिर्फ नकदी और अवैध साधनों पर रोक लगाएगी, बल्कि चुनावी माहौल को शांति और पारदर्शिता से भरने में भी मदद करेगी। मॉनिटरिंग सीधे पुलिस मुख्यालय के स्तर पर की जाएगी और हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस सख्त निगरानी से उम्मीद है कि इस बार बिहार में चुनाव और भी ज्यादा निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित होंगे।
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