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Shashikant Ganjhu: शशिकांत गंझू कौन हैं जो झारखंड पुलिस के लिए बना जो सबसे बड़ा सिर दर्द?

Shashikant Ganjhu 10 lakh reward: झारखंड (Jharkhand) का पलामू (Palamu) ज़िला एक बार फिर नक्सली हिंसा की आग में झुलस उठा। गुरुवार को मनातू थाना क्षेत्र के केदल गाँव में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में दो जवानों ने शहादत दी, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। यह मुठभेड़ राज्य के वांछित और 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर शशिकांत गंझू (Shashikant Ganjhu) को पकड़ने के लिए चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा थी।

क्या हैं पूरा मामला?

पलामू पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि TSPC का कुख्यात कमांडर शशिकांत गंझू (Shashikant Ganjhu) अपने दस्ते के साथ केदल गांव के आसपास मौजूद है। इसी सूचना पर पुलिस ने विशेष सर्च अभियान चलाया। गुरुवार दोपहर जब सुरक्षाबल गाँव में पहुंचे, तभी नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ घंटों तक चली।

गोलीबारी में जवानों की शहादत

इस मुठभेड़ के दौरान तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को तत्काल मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (MMCH) ले जाया गया। वहाँ इलाज के दौरान दो जवानों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शहीद जवानों की पहचान संतोष कुमार मेहता (निवासी सोवा बरेवा, थाना हैदरनगर) और सुनील राम (निवासी परता गाँव, थाना हैदरनगर) के रूप में हुई। तीसरे घायल जवान, रोहित कुमार (निवासी लालगढ़, थाना रेहला) की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही पलामू SP रीष्मा रमेशन, DIG नौशाद आलम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। पूरे क्षेत्र को सुरक्षाबलों ने घेर लिया और नक्सलियों की तलाश में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि शशिकांत गंझू अपने दस्ते के साथ नज़दीकी जंगलों में छिपा हो सकता है।

कौन है शशिकांत गंझू?

शशिकांत गंझू झारखंड का कुख्यात नक्सली है, जिस पर राज्य सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पलामू और चतरा के सीमावर्ती इलाकों में उसकी गहरी पैठ मानी जाती है। बताया जाता है कि केदल गाँव और इसके आसपास का क्षेत्र उसका गढ़ है, जहाँ से वह संगठन की योजनाएं और रणनीतियां तय करता है।

नक्सल चुनौती अभी बरकरार

यह ताज़ा मुठभेड़ एक बार फिर इस सच्चाई को सामने लाती है कि झारखंड में नक्सलियों का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन शशिकांत गंझू जैसे वांछित नक्सली अब भी चुनौती बने हुए हैं। पलामू पुलिस ने साफ कर दिया है कि अभियान रुकने वाला नहीं है और नक्सलियों के खिलाफ कड़ा एक्शन जारी रहेगा।
shristi S

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