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School of Drone Warfare: भारत ने खड़ी की ड्रोन योद्धाओं की फौज, BSF ने खोला देश का पहला ड्रोन वॉरफेयर स्कूल

First School of drone warfare in India: ऑपरेशन सिंदूर (operation sindoor) के दौरान पाकिस्तान के ताबड़तोड़ ड्रोन हमलों को भारतीय सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया था, लेकिन अब तमाम सुरक्षा एजेंसियां भविष्य के ड्रोन हमलों से निपटने के लिए हाइटेक तैयारियां कर रही हैं, इसी कड़ी में इंटरनेशनल सीमा पर देश की पहली लाइन ऑफ डिफेंस कहलाने वाली सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेकर मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के BSF अकादमी टेकनपुर में स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर (school of drone warfare) खोला है, भारत में यह अपनी तरह का पहला व्यवस्थित स्कूल है, जहां ड्रोन वॉरियर्स और ड्रोन कमांडोज़ तैयार किए जाएंगे, आधुनिक सामरिक चुनौतियों से लड़ने के लिये यह संस्थान सीमा प्रहरियों को विशेष रुप से प्रशिक्षण देगा।

इस तारीख को हुआ शुभारंभ

इस विशेष संस्थान का शुभारंभ 2 सितंबर 2025 को BSF महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने  किया था। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों और जवानों से मुलाकात कर उन्हें ड्रोन युद्धकला के महत्व के बारे में बताया। उनका कहना था कि आने वाले समय में सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती ड्रोन आधारित युद्ध होगा और इसके लिए तैयार रहना अनिवार्य है। इसी सोच के तहत ड्रोन वॉरियर्स और ड्रोन कमांडोज़ तैयार किए जाएंगे, जिन्हें सीमा पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

शहीदों को दी श्रद्धांजलि

उद्घाटन समारोह में ऑपरेशन सिंदूर के शहीद जवानों को याद किया गया। इन वीरों को कीर्तिचक्र और गैलंट्री मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। BSF महानिदेशक ने कहा कि इन शहीदों के बलिदान ने हमें नई सोच और नई रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

चौधरी ने इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ड्रोन तकनीक ने युद्ध के परिणामों को काफी हद तक प्रभावित किया। इसी तरह भविष्य में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ड्रोन युद्ध निर्णायक साबित हो सकता है। इसलिए इस स्कूल में न केवल ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि ड्रोन से संबंधित हाइटेक तकनीकों और सामरिक रणनीतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

इन चीजों का भी हुआ उद्घाटन

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान BSF अकादमी टेकनपुर में कई नई पहलें भी शुरू की गईं। इसमें जंगल ट्रेल, योग परिसर और लेक व्यू उद्यान का उद्घाटन शामिल है। जंगल ट्रेल का उद्देश्य जवानों को प्राकृतिक और वास्तविक परिस्थितियों में प्रशिक्षण देना है, ताकि वे हर चुनौती के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहें।

इसके अलावा कार्यक्रम में रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का लोगो और पुलिस टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर का कम्पेंडियम भी जारी किया गया। अंत में महानिदेशक ने संस्थान के बोर्ड सदस्यों के साथ बैठक की और नवाचार परियोजनाओं व भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

BSF अधिकारियों की प्रतिक्रिया

सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर के निदेशक और अपर महानिदेशक, डॉ. शमशेर सिंह (भा.पु.से) ने कहा कि ड्रोन वॉरफेयर स्कूल न केवल BSF बल्कि पूरे देश की सुरक्षा तंत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह संस्थान भविष्य के युद्ध कौशल को दिशा देगा और भारत की सीमाओं को और भी मजबूत बनाएगा।

shristi S

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